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How india can become a superpower in hindi [ कैसे भारत एक महाशक्ति बन सकता है जाने हिंदी में ] -: 

kaise bharat ek superpower ban sakta hai

अगर हम बात करे इंडिया को सुपर पावर बनने के तो यह कहना बहुत बड़ी बात है ! लेकिन यह देखा जाये तो पॉसिबल भी है। ऐसा में क्यों कह रहा हूँ. इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आपको पता चल जायेगा। कि इंडिया एक सुपरपावर कैसे बन पायेगा। इस आर्टिकल में हम इंडिया के उन सुपरपावर बनने के बारे में कुछ इम्पोरेन्ट पॉइंट के बारे में जानेगे जैसे कि - how india can become a superpower in hindi, india vs china, Dr APJ abdul kalam dream  इस आर्टिकल के ऑथर - Seeken sir है। 

India Vs China GDP Graph Research in hindi -:

क्या आप जानते है. चाइना की 1960 में GDP 128 बिलियन डॉलर थी। तब इंडिया की GDP 148 बिलियन डॉलर यानि कहने का मतलब की लगभग 16 % चाइना से ज्यादा था। फिर 18 साल बाद 1978 में चाइना और इंडिया की GDP सेम हो गई ! लगभग उस समय 293 बिलियन डॉलर की दोनों देश इक्वल हो गए थे !

फिर चाइना की GDP बढ़ने लगी और चाइना इंडिया से बहुत ज्यादा आगे निकलने लगा आज चाइना की GDP इंडिया की GDP से 4 गुना से भी ज्यादा है !

Example - 
जहाँ इंडिया की नार्मल GDP अराउंड 3 ट्रिलियन डॉलर की है. वही चाइना की GDP 14.4 ट्रिलियन डॉलर है। चाइना वर्ल्ड में सेकंड नंबर पर आता है. अमेरिका के बाद और हम 5 th नंबर पर आते है ! 
क्यों इसका रीजन क्या है ? 

हमने कहा पर गलती कर दी, क्यों हम इतने पीछे होने लगे 1978 के बाद से अब हम कैसे आगे निकल सकते है चाइना से और हम एक सुपर पावर कैसे बन सकते है। इसी के बारे में हम आगे के आर्टिकल में जानते है ! इस आर्टिकल को आप अच्छे से समझना क्योकि बात हमारी देश की जाहिर है इतना तो देश के लिए बनता है। आर्टिकल अगर अच्छा लगे तो इसे दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे !  

Missed Opportunity -:

kaise bharat ek superpower ban sakta hai  - Missed Opportunity

चाइना एक पहले गरीब देश था। जो पूरी तरीके से एग्रीकल्चर पर डिपेंड था. फिर वह निकलकर आगे बढ़ना स्टार्ट किया जब वह कम्युनिस्ट( Communist ) पालिसी से हटकर कैपिटलिस्ट ( Capitalist ) पालिसी की सोच रखने लगा ! 

Example - 
दिसम्बर 1978 में चाइना ने अलाउंस किया की Open Door Policy फोरेनर वाले लोगो के लिए फिर चाइना के बहार के भी लोग फोरेनर चाइना में अपनी दुकाने खोल सकते है। आसानी के साथ बिज़नेस कर सकते थे। जिससे की उनकी इकोनॉमी बहुत जल्दी ग्रो हुई ! 

लेकिन इंडिया ने इस चीज को पहले मना किया। फिर यही सेम चीज करना स्टार्ट किया 1991 को वह पूरी तरीके से नही इसी कारण से हम पीछे होने लगे थे। जहाँ एक तरफ चाइना पूरे वर्ल्ड के लिए फैक्ट्री बना चूका था। वही दूसरी तरह इंडिया इम्पोर्ट करने वाले प्रोडक्ट पर टिका रहा। न की एक्सपोर्ट करने वाले चीजों पर फोकस नही किया !

तब हमारी गोवेर्मेंट पार्टीस कांग्रेस और जनता पार्टीस दोने ही चाहते थे कि बस इंडियंस सिर्फ इंडियंस को समान बेच सके। लेकिन देखा जाये तो गलत चीज नही लग रही थी। लेकिन प्रॉब्लम्स यह थी की इसके कारण से इंडिया अपने स्केल को बड़ा ही कर नही पाये ! छोटे बिज़नेस छोटे ही रहने लगे. जो कभी बड़े ही नही हुए, जो सिर्फ थोड़ी चीज बनाते और सिर्फ इंडियंस लोगो को ही बेचते थे ! 

जबकि चाइना इतना ग्रांट चीजे बनाने लगा बहार वालो की हेल्प्स से इन्वेस्मेंट पैसा, बिज़नेस नॉलेज, टेक्नोलॉजी यह तक की उनकी नॉलेज चुराकर यूज़ करने लगा। जिसके कारण से वह दुनिया भर में समान बेचने लगा। जिसके कारण से हालत ऐसी है। चाइना आज पुरे वर्ल्ड में एक्सपोर्ट करने वाली नंबर एक पर है।
china gdp 2019 world wide - kaise bharat ek superpower ban sakta hai


2018 के डेटा के हिसाब से अराउंड 12.5 % टोटल ऑफ़ गुड्स वर्क्स एक्सपोर्ट करती है। जबकि सेकंड पर आने वाली USA में भी अराउंड 8.9 % एक्सपोर्ट करती थी ! और एक सबसे इंटरेस्टिंग बात नोटिस करने वाली यह है कि जहाँ USA का इम्पोर्ट 13.9  % है। वही चाइना का आप इम्पोर्ट देखोगे 11.3 % है। 

कहने का मतलब की चाइना कम चीजे मगवाता है. और ज्यादा चीजे बेचता है. वह भी रौ मैटेरियल्स से जिसका वह अच्छा प्रोडक्ट बना के महंगे में दुसरो को बेचता है !


kaise bharat ek superpower ban sakta hai  - smalbusinesss


अच्छा अब एक्सपोर्ट के मामले में हम इंडियंस कहा पर है. बहुत दुःख की बात है कि हम टॉप 10 में भी नही आते है। हमारे पास आज भी काफी चीफ वर्क फोर्स है. दुनिया के सबसे जवान है फिर हम सबसे पीछे है। लेकिन अब चीजे सच में बदल सकती है !

Bad Time For China [ खरब टाइम चाइना का ] -:

Bad Time For China GDP 2016 - kaise bharat ek superpower ban sakta hai

देखो 2016 वह साल था। जब अराउंड 30 साल में पहले बार चाइना का मैन्युफैक्चरिंग रेट ग्रो होने के बजाये कम हुआ। क्यों ? बात यह थी कि 1990 में कम करने वाले चाइनीस वर्कर की इयरली सैलरी 150 डॉलर थी।
लेकिन यह सब प्रोडक्ट मैन्युफैक्चरिंग एक्सपोर्ट करने की वजह से चाइना बहुत जल्दी बहुत ज्यादा अमीर होने लगा। जिसकी वजह से उनके लोगो की अवेरजे इनकम 2005 में 150 डॉलर से बढ़के 2800 डॉलर हो गई। जो 2015 में अवरेजे 8900 डॉलर हो गई और 2020 में आज वह 13500 डॉलर इनकम मतलब 8500 % बढ़ चुकी है। अवरेजे इनकम जो लगभग 30 साल में जो किसी चमत्कार से कम नही है। 

लेकिन इसका मतलब यह भी हो गया है कि अब चाइना ने एक इम्पोरेन्ट पॉइंट खो दिया है। जो इन्वेस्टर बिज़नेस को अट्रैक्ट करता था। वह था पहले सस्ते लेबर जो चाइना में मिलते थे ! लेकिन अब वह सस्ता देश नही रहा जो पहले था। जो कंपनी को अट्रैक्ट करता था ! जिसका रिजल्ट 2016 को पहली बार दिखा जब चाइना का मैन्युफैक्चरिंग रेट 2 % से कम हो गई चाइना में 

लेकिन यह तो शुरवात थी. हाँ इसके बाद से वापसी चाइना को ग्रोथ दिखी लेकिन फिर हो गई चाइना और अमेरिका के बीच बड़ी प्रॉब्लम जब अमेरिका ने हाई टैरिफ लगाना स्टार्ट कर दिया। चाइना के प्रोडक्ट पे जिसके वजह से 7 % कमी दिखाई देने लगी। चाइना से अमेरिका एक्सपोर्ट में. 

इसके वजह से बहुत सारी कम्पनीज अल्टेरनेटिवे दिखने लगी चाइना के और इसके साथ - साथ प्राइवेसी को लेकर बहुत सारे issue भी हो रहे थे। जिसके कारण से चाइना के पास बहुत सारे वैल्युएबल डेटा जा रहा था। जो गलत कामो के लिए यूज़ हो सकता था। यह सारी चीजे चाइना वेस्टन कंट्री के बीच प्रॉब्लम क्रीट होने लगी

इसीलिए आप देखोगे तो आज बड़ी कंट्रीस या कम्पनीज प्राइवेसी और प्रोडक्शन के लिए चाइनीज सॉफ्टवेयर को अवॉयड करती है। कुछ तो सीधा बैन कर देती है. इसके साथ - साथ कंट्रीस खुद के डोमस्टिक प्रोडक्ट बनाने की कोशिश कर रही है ! 

Vishva ke sare log china ke khilaf [ विश्व के सारे लोग चाइना के खिलाफ ]

World Against China - how india can become a superpower in hindi

ऐसे ही कई रीजन है। Covid19 ने हर देश को चाइना के विरोध कर दिया है। Covid से तो बहुत बुरी चीजे हुई है। लेकिन एक चीज जो Long tearm के लिए कंट्रीस को काफी इम्पोरेन्ट बाते सीखा रही है वह यह है कि हमें चाइना पर ज्यादा डिपेंडेड नही होना है ! 

Example - 
चाइना लीडिंग सप्लॉयर था। मेडिकल इक्विपमेंट का पूरे वर्ल्ड में लेकिन यह Coronavirus Pandemic आया तब सब चाइना पर ही डिपेंडेड थे। जैसे कि - मास्क, वेंटीलेटर, दवा और 100 से भी ज्यादा मेडिसिन के लिए इसके वजह से कई लोगो की जाने चली गई। 

क्योकि चाइना उतना मैन्युफैक्चरिंग ही नही कर पा रहा था। जितना पूरे वर्ल्ड को तुरंत चाहिए था। प्लस वह पूरा अकेला था. प्रोडक्ट देने में इसीलिए वह मन चाहे रेट लगा रहा था, जितना चाहे कंट्री पर रेट लगा रहा था ! जिसको भी समान दे रहा था, अच्छा खरब सब दे रहा था। कोई उसे फ़िक्र तथा डर नही था। 

इन सभी रिजनो के कारण ही हर बिज़नेस करने वाले लोगो को एक गहरी नींद से उठाके और उन्हें थपड़ मारा और उन्हें रिलेजा कराया कि कितना गलत कर दिया उन्होंने। एक कंट्री पर अपनी नीड्स के लिए इतना डिपेंड होके। सच में आज लाखो लोगो के बुसिनेसस बहुत खरब हो चुके है ! 

क्योकि उन्हें चाइना से प्रोडक्ट मिल ही नही पा रहे है टाइम पे जो पहले वह आराम से प्रोडक्ट बेचकर प्रॉफिट कमा लेते थे। इसीलिए आज पूरी दुनिया चाइना के Against भी जा रही है। उनकी लापरवाही, घमंड और उनके ऐटिटूड बहुत सारे रीजन की वजह से। कई सारी बड़ी कंट्रीस खुद मैन्युफैक्चरिंग करने पर फोकस कर रही है।  

Example - 
जापान ने 2.2 बिलियन डॉलर का इंसेंटिव प्लान बनाया है. जिसे वह चाइना से अपने मैन्युफैक्चरिंग बेस हटा देंगे। प्लस और कई दूसरी कंट्री इसे देख रही है. चाइना के अल्टरनेटिव के लिए 
  1. एक रिपोर्ट के हिसाब सी 700 कम्पनीज में से 37 % कम्पनीज पूरा नही तो पार्ट ऑफ़ मैन्युफैक्चरिंग चाइना से हटाने का सोच रहे है। जो वह दूसरे एशियन कंट्री में डालेंगे। 

Bharat ke liye ek accha opportunity [ भारत के लिए एक अच्छा अवसर ] -:

kaise bharat ek superpower ban sakta hai


आप अपने हिसाब से सोचो की वह कौनसी कंट्री हो सकती है। इन चीजों का ज्यादा फायदा उठा सकती है. अब्वियस्ली देखा जाये तो अच्छा टाइम है इंडिया के लिए इसीलिए आज आप देखोगे तो गोवेर्मेंट कई कम्पनीज को ऑफर दे रही है। कई इन्सेन्टिव्स दे रही की आओ हमारे यह फैक्ट्री लगाओ या कंपनी खोलो 

लेकिन इतना भी काफी नही होगा, शार्ट टर्म के लिए यह सब सही है। लेकिन लॉन्ग टर्म के लिए हम चाहते है तो कम्पनीज खुद से हमारे पास आये बिना ज्यादा फ़िक्र करे तो हमें 3 चीजों पर फोकस करना होगा क्योकि यह तीनो चीजे ही इतने इम्पोरेन्ट थे. की दूसरे कम्पनीज और कंट्रीस को अट्रैक्ट किया चाइना पर और आज भी करती है। इस बात को एपीजे अब्दुल कलाम ने अपनी बुक में कहा है कि इंडिया को इन सारे चीजों को जरूर करना चाहिए। जिसमे से नंबर 1 चीज है ! 

No.1 Quality and Scale - 

धीरूभाई अंबनी का इतना अमीर और इतना सक्सेसफुल होने का एक बहुत बड़ा रीजन यह था कि धीरूभाई अंबनी क्वालिटी पर बहुत ज्यादा फोकस करते थे। जहाँ पर बहुत सारे लोग सिर्फ कमाने के लिए सस्ते और खरब प्रोडक्ट को भी बेच देते थे। 

और वही धीरभाई अंबनी वर्ल्ड क्लास प्रोडक्ट बनाने के बारे में सोचते थे। और उन्हें भी ज्यादा क्वांटिटी में बनाते थे। इंफैक्ट वैल्यू ऑफ़ पर ही फोकस करते थे ! 
जैसा - वालमार्ट करता है, कम प्रॉफिट पर ज्यादा चीजे बेच के ज्यादा पैसे कमाना इसीलिए उन्होंने क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों पर काम किया। जिससे उन्हें और चाइना को इतना ग्रेट बना दिया है ! 

इसीलिए यही सेम चीज हर इंडियंस हर बिज़नेस करने वाले के दिमाक में होनी चाहिए। हर इंसान को क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों पर फोकस करना चाहिए। अगर हमें लॉन्ग रन में पूरी दुनिया के लिए सारी चीजे बना के देनी है तो क्योकि हमारे पास चीफ लेबर भी होगा और क्वालिटी भी होगा और क्वांटिटी सब होगा तो पक्का सबको अट्रैक्ट जरूर करेगा ! 

No. 2 Skillful Labour [ शिक्षित मजदुर ] -:

टीम कुक ने एक इंटरव्यू में कहाँ था। की हम अभी चाइना से प्रोडक्ट बनाते है। इसलिए नही की वह सस्ते में काम करते है. नही सस्ते पन तो उनका कब से खत्म होता जा रहा है। लेकिन हम बनाते है आज भी क्योकि उनके लोग आज भी बहुत क्वालिटी वाला काम करते है। उनके याह काम करने वाले लोग बहुत Skillful होते है। जो बहुत मेहनत के साथ काम करते है. अच्छे से अच्छा और ज्यादा से ज्यादा कम से कम टाइम में ! 


अगर आप देखोगे तो हमारे देश में सबसे ज्यादा डॉक्टर्स, इंजीनियर, लॉयर्स मिल जायेगे लेकिन हमारे देश में ही उससे ज्यादा useless डिग्री वाले भी मिल जायेगे। कहने का मतलब की उनके पास तो डिग्री तो है. लेकिन एक अच्छी स्किल्स नही है। 

लोगो के पास आज के टाइम के हिसाब से एक अच्छी skills नही है,प्रोफेशनल स्किल्स नही है, एक्सपर्टीज नही है अलग सेक्टर में जिसकी वजह से मैक्सिमम लोग job less भी है। जो एजुकेशन का फायदा नही उठा पा रहे है. इसीलिए बहुत जरुरी है कि इंडिया अपने बॉटम 30 % स्टूडेंट जिनके पास एजुकेशन है स्किल्स नही है उन्हें skills सिखाये ! 

इंफैक्ट हम सबको हाई स्किल्स वाला इंसान बनना चाहिए। मेहनत करने वाला इंसान बनना चाहिए न कि गोवेर्मेंट जॉब के सपने देखने वाला इंसान बनना चाहिए ! 

No.3 Infrastructure - 

Infrastructure -  kaise bharat ek superpower ban sakta hai

अभी आप लेटेस्ट में देखेंगे तो इंडिया और चाइना के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर काफी सारे वीडियो न्यूज़ चैनल पर चल रहे है। जिसमे इंडिया के पास चाइना के कम्प्येर Infrastructure आज भी नही है। जो उनके पास सालो पहले था। वह इंडिया के पास आज भी नही है. ऐसा क्यों ? इसके कई रीजन है !

इसमें से एक रीजन मोस्ट इम्पोरेन्ट है कि इंडिया के लोग इतना फोकस भी नही करते है। आपस में ही लड़ते रहते है. प्लस करप्शन और कई सारी प्रॉब्लम्स इसकी वजह से जो काम दो साल में खत्म होने वाला था। वह लगभग 5 साल लग जाते है खत्म होने में वह भी बिना क्वालिटी के हम सब इंडियंस को ही कंपनी की तरह, बिज़नेस करने वाले लोगो को पसंद नही आती है। 

क्योकि कम्पनीज का मेन लक्ष्य या नही होता है कि सिर्फ प्रोडक्ट बन जाये बात खत्म वह जो प्रोडक्ट बनाये  जाते है, उनका यहा से वहा ट्रेवल करना ट्रांसपोर्ट होना भी बहुत जरुरी है। जो हमारे यह के बहुत सारे खरब रोड्स की वजह से मुश्किल हो जाता है। 

इसीलिए बहुत जरुरी है कि हम भी चाइना की तरह वर्ल्ड क्लास 3 - 3 लेबल के रोडस बनाये एक ऊपर एक रोड्स बनाये और इनोवेटिव चीजे करे जो हम इंडिया में कर सकते है। ताकि हमारा इंफ्रास्ट्रक्चर और भी बेटर हो वैसे तो और भी चीजे है. जैसे कि - 

  1. सिंपल रूल्स तथा रेगुलेशंस बनाना कम्पनीज के लिए, बिज़नेस के लिए 
  2. टेक्नोलॉजी क्रीट करना 
  3. इनोवेशन करना 
  4. गोवेर्मेंट का बेटर स्किम बनना 
ऐसी बहुत सारे चीजे है। लेकिन अभी के लिए अगर हम मिलके इन 3 चीजों पर फोकस करेंगे तो हम बहुत जल्दी बहुत आगे बढ़ जायेगे !

आप जानते है. डॉ एपीजे अब्दुल कलाम सर का सपना था, की इंडिया 2020 तक एक सुपर पावर नेशन बन  जाये ! वह तो नही हो पाया लेकिन हम 21 st Century में हम एक सुपर पावर बने, इम्पोर्टन एक बड़ा नेशन बने इसलिए हम सब चाहते है कि यह सब हो तो.

हमें यूनिट दिखानी होगी राइट नाउ चाइना ( Right now China ) के खिलाफ बहुत सारे इंडियंस एक हो रहे है ! बिना धर्म जाति के फ़िक्र किये बिना जो देखा जाये तो बहुत अच्छी बात है. हमें उन्हें दुखी नही करना है. बस हमें खुद एक होना है किसी एक बड़े उद्देश्य के लिए क्योकि विथाउट यूनिट कुछ भी पॉसिबल नही होगा। 

चाइना के प्रोडक्ट को अवॉयड करना काफी तरीके से अच्छा है. यूनिट के लिए बहुत अच्छा है। लेकिन इसके साथ - साथ हमें तीनो बातो पर भी ध्यान देना होगा। 

हमें चाइना के तरह ही हमें बिज़नेस में ग्रेट होना होगा। तभी एक्चुअल में हम कुछ चेंज कर पायेगे वरना सब वापिस जैसे हो जायेगा। फिर वापिस सब चाइना पर डिपेंडेड रहेंगे जो में नही चाहता हूँ। 

में चाहता हूँ कि लोग इंडिया पर डिपेंडेड हो जहाँ तक मुझे लगता है कि आप भी यही चाहते होंगे इसीलिए प्लीज आप भी इन बातो को समझो इसीलिए में हमेशा बिज़नेस स्किल्स के बारे में, बिज़नेस आइडियाज के बारे में आपको बताता रहता हूँ।  जिससे कि आप भी सीख सको आप भी आगे बढ़ सको मेरी तरह 

इसीलिए में हमेशा बिज़नेस आईडिया से ज्यादा बिज़नेस स्किल्स सीखने कोशिश करता रहता हूँ। जिससे की आप भी एक्शन ले पाओ अपने किसी बिज़नेस या किसी भी काम में इससे आपका फायदा है,और आपके साथ - साथ देश का भी फायदा है ! 

इसीलिए आप भी इसी तरह के Business skills को हमेशा सीखना चाहते है तो आप हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब कर लीजिये। जिससे की हम जब भी कोई नया पोस्ट डालें तो आपको नोटिफकेशन जरूर मिले। 

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" बिज़नेस स्टार्ट करने को बिज़नेस नही कहते है, बिज़नेस प्लानिंग करने को बिज़नेस नही कहते है, बल्कि बिज़नेस को सक्सेस तक ले जाने को बिज़नेस कहते है "

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